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21 वर्षों में शहीद के परिवार से किया हुआ एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई सरकार,गांव में आज तक एक सड़क भी नहीं बनवा पाई सरकार

हरमेश भाटिया

बिलासपुर। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है 1999 में भारतीय सेना के जवानों ने अपने अदम्य साहस और वीरता से कारगिल और उसके आसपास की दूसरी चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सेना को खदे़ड बाहर किया था और इन चोटियों पर फिर से विजय हासिल की थी। इस मुश्किल मुहिम में भारतीय सेना के लगभग 500 वीर सपूत शहीद हुए थे। 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए "ऑपरेशन विजय" को सफलतापूर्वक अंजाम देकर अपनी मातृभूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था इसी की याद में "26 जुलाई" अब हर वर्ष "कारगिल विजय दिवस" के रूप में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की तहसील बिलासपुर के गांव नवाबगंज में बलजीत सिंह ने भी इस युद्ध में भाग लिया था जिसमें लड़ते-लड़ते बलजीत सिंह की शहादत हो गई थी जिसको लेकर  पूरे जिले रामपुर और गांव में मातम छा गया था। 26 जुलाई को mknews24 के सवांददाता हरमेश भाटिया शहीद बलजीत सिंह के घर पहुंचे तब उन्होंने बलजीत सिंह के परिवार से वार्तालाप की तो उनके परिवार द्वारा बताया गया कि शहीद को सरकार द्वारा लाभ दिया जाता है लेकिन बलजीत सिंह के परिवार वाले उन सभी लाभों से वंचित है और कोई भी लाभ अभी तक नहीं  मिला है। परिजनों ने बताया कि  अब से 2 वर्ष पूर्व तक तो 26 जुलाई के दिन अधिकारी आते थे  और हर वर्ष की भांति  सांत्वना देकर चले जाते थे परंतु इस वर्ष कोई भी अधिकारी नहीं आया है। 26 जुलाई को नवाबगंज के ग्रामीणों ने शहीद बलजीत सिंह की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर सम्मान दिया और प्रशासन और शासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे शहीद बलजीत सिंह के नाम पर रोड का निर्माण कराया जाए और स्कूलों का नाम भी शहीद बलजीत सिंह के नाम पर करा जाए लेकिन अभी कुछ ऐसा नहीं किया जा रहा है और न ही कुछ शासन द्वारा प्रशासन द्वारा इनके परिवार को लाभ पहुंचाया गया है।

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