भीषण ठंड में खाकी बनी फरिश्ता, हेड कांस्टेबल चमन सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल
गौरव जैन
लखीमपुर खीरी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जब आम जनजीवन ठिठुर रहा है, ऐसे समय में लखीमपुर खीरी में तैनात हेड कांस्टेबल चमन सिंह ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गई। अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर उन्होंने सैकड़ों जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों तक गर्म कंबल पहुंचाकर उन्हें ठंड से राहत दिलाई।
हेड कांस्टेबल चमन सिंह ने महिला अस्पताल, संकटा देवी मंदिर परिसर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर सड़क किनारे रहने वाले, मंदिरों के आसपास आश्रय लेने वाले और अस्पताल परिसर में खुले में रात गुजारने वाले लोगों को कंबल वितरित किए। अचानक मिली इस मदद से जरूरतमंदों के चेहरों पर जो मुस्कान दिखी, वही उनके सेवा भाव की सबसे बड़ी पहचान बन गई।
इस अवसर पर चमन सिंह ने बताया कि शीतलहर के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जिनके पास न तो पक्की छत होती है और न ही ठंड से बचने के साधन। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की मदद करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि मानवता का भी कर्तव्य है। इसी भावना के साथ उन्होंने यह पहल की।
कंबल पाकर लोगों ने हेड कांस्टेबल चमन सिंह का आभार जताया और उनके इस नेक कार्य की खुले दिल से सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी का इस तरह सेवा कार्यों में आगे आना समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
गौरतलब है कि चमन सिंह इससे पहले भी चर्चा में रहे थे, जब उन्होंने सीमा पर युद्ध में जाने की इच्छा जताते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था और इस संबंध में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र भी लिखा था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए उनका तबादला लखीमपुर खीरी किया गया।
आज वही हेड कांस्टेबल चमन सिंह अपनी सेवा भावना और संवेदनशीलता के कारण एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनका यह मानवीय प्रयास यह साबित करता है कि वर्दी केवल कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि करुणा और सेवा का भी संदेश देती है।
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